वो सीमा जिसे नहीं लांघना: Overeating.के नुकसान

आजकल की भागदौड़ भरी जिंदगी में खान-पान पर ध्यान देना मुश्किल हो गया है। लोग अक्सर जल्दी में कुछ भी खा लेते हैं, बिना यह सोचे कि यह उनके स्वास्थ्य के लिए कितना हानिकारक हो सकता है। कई बार हम स्वाद के चक्कर में या फिर भूख को शांत करने के लिए जरूरत से ज्यादा खा लेते हैं, और यही आदत हमारे शरीर के लिए मुसीबत बन जाती है। ‘बस अब और नहीं!’ यह वाक्य हम अक्सर तब बोलते हैं जब हम अपनी भूख से ज्यादा खा लेते हैं, लेकिन क्या आप जानते हैं कि इस सीमा तक खाने से आपको कितने गंभीर नुकसान हो सकते हैं?
Overeating: एक गंभीर समस्या
Overeating यानी जरूरत से ज्यादा खाना, एक ऐसी समस्या है जो दुनिया भर में तेजी से बढ़ रही है। यह न केवल वजन बढ़ने का कारण बनती है, बल्कि कई गंभीर बीमारियों को भी जन्म दे सकती है। जब हम जरूरत से ज्यादा खाते हैं, तो हमारे शरीर को अतिरिक्त कैलोरी को पचाने के लिए ज्यादा मेहनत करनी पड़ती है, जिससे हमारे पाचन तंत्र पर अतिरिक्त दबाव पड़ता है।
Overeating के कारण होने वाले नुकसान

- वजन बढ़ना: Overeating का सबसे आम और स्पष्ट दुष्प्रभाव है वजन बढ़ना। जब हम जरूरत से ज्यादा कैलोरी का सेवन करते हैं, तो हमारा शरीर उन्हें फैट के रूप में जमा कर लेता है। धीरे-धीरे यह फैट बढ़ता जाता है और हम मोटापे का शिकार हो जाते हैं। मोटापा कई अन्य बीमारियों का खतरा भी बढ़ाता है, जैसे कि हृदय रोग, मधुमेह और कुछ प्रकार के कैंसर।
- पाचन संबंधी समस्याएं: जब हम ज्यादा खाते हैं, तो हमारा पाचन तंत्र ठीक से काम नहीं कर पाता। इससे पेट में गैस, ब्लोटिंग, कब्ज और एसिडिटी जैसी समस्याएं हो सकती हैं। लंबे समय तक ओवरईटिंग करने से पाचन तंत्र कमजोर हो जाता है और क्रोनिक पाचन संबंधी बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है।
- हृदय रोग: Overeating से शरीर में कोलेस्ट्रॉल और ट्राइग्लिसराइड्स का स्तर बढ़ जाता है, जो हृदय रोग के खतरे को बढ़ाता है। अत्यधिक वसा का सेवन धमनियों में प्लाक जमा कर सकता है, जिससे वे संकरी हो जाती हैं और हृदय तक रक्त का प्रवाह कम हो जाता है। इससे दिल का दौरा और स्ट्रोक का खतरा बढ़ जाता है।
- मधुमेह: Overeating से इंसुलिन प्रतिरोध विकसित हो सकता है, जो मधुमेह का एक प्रमुख कारण है। जब हम ज्यादा कार्बोहाइड्रेट और चीनी खाते हैं, तो हमारे शरीर को ज्यादा इंसुलिन का उत्पादन करना पड़ता है। लंबे समय तक ऐसा होने से कोशिकाएं इंसुलिन के प्रति कम संवेदनशील हो जाती हैं, जिससे रक्त शर्करा का स्तर बढ़ जाता है और मधुमेह हो जाता है।
- लीवर की समस्या: Overeating से लीवर पर अतिरिक्त दबाव पड़ता है। जब हम ज्यादा वसा का सेवन करते हैं, तो लीवर को उसे पचाने में ज्यादा मेहनत करनी पड़ती है। लंबे समय तक ऐसा होने से फैटी लीवर जैसी समस्या हो सकती है, जिसमें लीवर में अतिरिक्त वसा जमा हो जाती है। यह समस्या आगे चलकर लीवर सिरोसिस और लीवर कैंसर का कारण बन सकती है।
- मानसिक स्वास्थ्य समस्याएं: Overeating न केवल शारीरिक स्वास्थ्य को प्रभावित करती है, बल्कि मानसिक स्वास्थ्य पर भी बुरा असर डालती है। कुछ लोग तनाव, उदासी या चिंता से निपटने के लिए जरूरत से ज्यादा खाते हैं। इससे उन्हें कुछ समय के लिए राहत मिल सकती है, लेकिन लंबे समय में यह समस्या और बढ़ जाती है। ओवरईटिंग से अपराधबोध, शर्म और निराशा की भावनाएं पैदा हो सकती हैं, जो मानसिक स्वास्थ्य को खराब कर सकती हैं।
- नींद की समस्या: Overeating से नींद की गुणवत्ता प्रभावित हो सकती है। जब हम रात को देर से ज्यादा खाते हैं, तो हमारे शरीर को सोने से पहले भोजन को पचाने के लिए ज्यादा मेहनत करनी पड़ती है। इससे नींद में खलल पड़ता है और हम सुबह थकान महसूस करते हैं।
Overeatingसे कैसे बचें

- प्लानिंग: भोजन करने से पहले योजना बनाएं कि आप क्या और कितना खाएंगे। इससे आप जरूरत से ज्यादा खाने से बच सकते हैं।
- धीरे-धीरे खाएं: भोजन को धीरे-धीरे चबाकर खाएं। इससे आपको पेट भरने का एहसास होगा और आप कम खाएंगे।
- छोटे हिस्से: भोजन को छोटे-छोटे हिस्सों में परोसें। इससे आप ज्यादा खाने से बचेंगे।
- पानी पिएं: भोजन करने से पहले और उसके दौरान पानी पिएं। इससे आपका पेट भरा हुआ महसूस होगा और आप कम खाएंगे।
- तनाव से बचें: तनाव और भावनाओं से निपटने के लिए खाने का सहारा न लें। तनाव कम करने के लिए व्यायाम करें, ध्यान करें या किसी दोस्त से बात करें।
- स्वस्थ विकल्प चुनें: स्वस्थ और पौष्टिक भोजन का सेवन करें। फल, सब्जियां, साबुत अनाज और प्रोटीन युक्त भोजन आपके शरीर को जरूरी पोषक तत्व प्रदान करते हैं और आपको पेट भरने का एहसास कराते हैं।
- नियमित व्यायाम: नियमित व्यायाम करने से कैलोरी बर्न होती है और वजन नियंत्रित रहता है।
Overeating एक गंभीर समस्या है, लेकिन इसे नियंत्रित किया जा सकता है। स्वस्थ जीवनशैली अपनाकर और खाने की आदतों में सुधार करके आप ओवरईटिंग से बच सकते हैं और अपने स्वास्थ्य को बेहतर बना सकते हैं। “बस अब और नहीं!” इस वाक्य को अपने जीवन का एक मंत्र बनाएं और स्वस्थ रहने का संकल्प लें।
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